मस्ती में मस्त हरियाणा, जित रहवे तीज-त्योहारों का आना -जाना खावे लोग जित के दूध-दही का खाना, ना किसे बात की चिंता बस यूहीं गाना-बजाना मस्ती में रहवे मस्त हरियाणा, मस्ती में मस्त हरियाणा....
क्या कहे हम अपने बारे में, जिन्दगी एक लम्बा सा अफसाना है , कुछ खट्टी और कुछ मीठी यादों का तराना है आये चाहे कैसी भी मोड़ इस जिदगी में, पर हमें तो अपनी मंजिल को पाना है
जब रहते हो तुम हमसे दूर, तुमारी जुदाई कर देती है मिलने को मजबूर| हम तुमसे मिल बिन रह नही पाते , पर तुमारी तरफ से तो मेरे खतों के जबाब भी नही आते| In English